बिहार में सरकारी विद्यालयों के संविदा शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुएसरकार ने गुरुवार को उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने के लिए दक्षता परीक्षा ‘ऑफलाइन' आयोजित करने की उनकी मांग स्वीकार कर ली।
शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा, ‘‘अब इन संविदा शिक्षकों को दक्षता परीक्षा पास करने के लिए कुल 5 मौके दिए जाएंगे। 3 ऑनलाइन और 2 ऑफलाइन। परीक्षा पास करने वालों को ही सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा। परीक्षा पास करना अनिवार्य है।''
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने संविदा शिक्षकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने के लिए ऑफलाइन योग्यता परीक्षा आयोजित करने की मांग भी स्वीकार कर ली है। बड़ी संख्या में संविदा पर बहाल शिक्षकों को कंप्यूटर चलाने का ज्ञान नहीं है। इस बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अब उन्हें ऑफलाइन दक्षता परीक्षा के लिए दो और मौके देने का निर्णय लिया गया है। पहले ऑफलाइन परीक्षा का कोई प्रावधान नहीं था।
बिहार में लगभग साढ़े तीन लाख संविदा शिक्षक दक्षता परीक्षा पास करने के बाद सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त करेंगे। इन शिक्षकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा पाने के लिए अनिवार्य योग्यता परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। अब शिक्षकों को दक्षता परीक्षा पास करने के लिए कुल पांच मौके (तीन ऑनलाइन और दो ऑफलाइन) दिए जाएंगे इसके बाद भी असफल रहे, तो उन्हें सेवा से हटा दिया जाएगा।
गौरतलब है कि बिहार में संविदा शिक्षक लंबे समय से बिना किसी शर्त के स्थायी सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। वह शिक्षा विभाग की समिति द्वारा की गई अनुशंसा को रद्द करने की भी मांग कर रहे हैं, जिसमें तीन बार योग्यता परीक्षा में असफल होने पर शिक्षकों को बर्खास्त करने का प्रावधान शामिल है।

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