उत्तर प्रदेश में सरकार की ओर से आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में साली द्वारा अपने ही जीजा से शादी रचा लेने का अजीबोगरीब खबर मामला सामने आया है. यह सारा खेल दरअसल सरकारी योजना में मिलने वाले लाभ को पाने के लिए किया गया.
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह सम्मेलन में खेल यह गड़बड़झाला झांसी में सामने आया है. मामले ने सभी को चौंका भी दिया है. झांसी के पॉलिटेक्निक कॉलेज के मैदान में आयेाजित विवाह सम्मेलन में पहुंची दुल्हन अपने दूल्हे का इंतजार कर रही थी, मगर दूल्हा नहीं आया. इसके बाद दुल्हन के साथ आए उसके शादीशुदा जीजा ने ही उसके साथ शादी कर ली.
योजना का लाभ पाने के लिए जीजा ने ही लड़की के साथ शादी की रस्म अदा की. मामले का खुलासा तब हुआ जब शादी के बाद दुल्हन ने अपनी मांग में लगा सिंदूर हटा दिया. शक होने पर दुल्हन और शख्स से अलग-अलग पूछताछ की गई, तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया.
दरअसल झांसी के बामोर निवासी एक युवती की शादी छतरपुर मध्यप्रदेश के युवक संग तय हुई थी. शादी कार्यक्रम में उसका रजिस्ट्रेशन 36 नंबर पर था. जब छतरपुर से दूल्हा नहीं आया तो विभाग के लोगों ने उसके जीजा को ही दूल्हा बनाकर शादी की रस्म पूरी करवा दी.
शादी की रस्में अदा करने के थोड़ी ही देर बाद ही युवती ने अपना सिंदूर और बिंदी दोनों को हटा दिया. लोगों की नजर इस पर पड़ गई. दोनों को अलग-अलग ले जाकर जब अधिकारियों ने पूछताछ की तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया.
युवक ने बताया कि वह छतरपुर का रहने वाला नहीं है, बल्कि वह तो झांसी के बामोर में ही रहता है. वह रिश्ते में लड़की का जीजा लगता है. जब छतरपुर से दूल्हा नहीं आया तो विभाग के ही कुछ लोगों ने मुझे ही दूल्हा बन जाने के लिए कहा. इसलिए मैं दूल्हा बन गया.
उधर, लड़की ने कहा कि उसका दूल्हा आया नहीं. शायद बारिश की वजह से वह नहीं आ पाया. इसलिए हमने जीजा से शादी कर ली. उन्होंने ही हमारी मांग भरी है. लड़की ने कहा कि वह जानती है कि ये गलत है, लेकिन सारे फार्म भरे जा चुके थे. ऐसे में क्या करते.
ये पूरा खेल योजना का लाभ लेने और मिलने वाली आर्थिक मदद को हड़पने के लिए खेला गया था. सूत्रों के मुताबिक इस सारे ड्रामे के सूत्रधार कोई और नहीं, बल्कि खुद उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारी और कर्मचारी ही थे.

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