टॉस करके हुआ इस राज्‍यसभा सीट का फैसला : गच्‍चा खा गए कांग्रेस के ये दिगगज, अब सरकार भी खतरे में !


कर्नाटक में मुख्‍यमंत्री डी शिवकुमार के तगड़े बूथ मैनेजमेंट के बूते तीन सीटें जीतने वाली कांग्रेस पार्टी अपने शासित दूसरे राज्‍य हिमाचल प्रदेश में क्रॉस वोटिंग का शिकार होकर सीट गंवा बैठी.


हिमाचल में बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां 40 विधायकों वाली कांग्रेस को सिर्फ 34 वोट मिल सके. इसके चलते पार्टी को हार का सामना करना पड़ा और बीजेपी उम्मीदवार की जीत हो गई. 


दरअसल, हिमाचल प्रदेश में एक राज्यसभा सीट के लिए हुए चुनाव में कुल 68 विधायकों ने वोटिंग की. क्रॉस वोटिंग के चलते यहां पेंच फंस गया. बीजेपी और कांग्रेस, दोनों ही उम्मीदवारों को 34-34 वोट मिले. जिसके बाद टॉस कराकर फैसला किया गया. 


टॉस में किस्‍मत ने भाजपा का साथ दिया और बीजेपी उम्मीदवार हर्ष महाजन की जीत हो गई, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी को पिछड़ गए. इस चुनाव में कांग्रेस के 6 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की. टोटल 9 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग करते हुए बीजेपी को वोट दिया. हालांकि एक वोट को लेकर पेच फंसने के कारण अभी इस सीट का नतीजा घोषित नहीं हुआ है.


कांग्रेस का एक वोट रद्द कराने के लिए चुनाव आयोग के पास भेज दिया गया. दरअसल, बीजेपी पोलिंग एजेंट हेलीकॉप्टर के माध्यम से वोटिंग के लिए लाए गए बीमार कांग्रेस विधायक सुदर्शन बबलू के वोट को आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए वोट रद्द करवाने की मांग पर अड़े हैं. मामला चुनाव आयोग को भेजा गया है. चुनाव आयोग की तरफ से नियम के मुताबिक स्थिति क्लियर होने के बाद ही फैसला घोषित होगा.


कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि मैं कांग्रेस की पूरी लीडरशिप का धन्यवाद देना चाहता हूं. उन्होंने मुझ पर भरोसा जताया और उम्मीदवार बनाया. उन 9 विधायकों का भी धन्यवाद देना चाहता हूं, जो कल साथ बैठे थे. उनमें से आज तीन हमारे साथ सुबह नाश्ते पर बैठे थे. 


उनसे मुझे शिक्षा मिली है. मैं हर्ष महाजन (बीजेपी उम्मीदवार) को बधाई देना चाहता हूं. उनकी पार्टी को एक बात कहना चाहूंगा कि वह अपने गिरेबान में झांककर देखे. मैं एक सिद्धांत की बात कर रहा हूं. 


सीएम सुक्खू ने बीजेपी पर विधायकों को किडनैप करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ की बसों से हरियाणा पुलिस उनके विधायकों को किडनैप करके पंचकुला ले गई है. ऐसे में सियासी गलियारों में सुगबुगाहट है कि प्रदेश में सुक्खू सरकार पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं. कारण, कई विधायक बीजेपी के साथ जा सकते हैं.

 

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