बिहार में नीतीश कुमार की सरकार के शक्ति परीक्षण को लेकर हाई वोल्टेज पॉलिटकील ड्रामा अपने चरम पर पहुंच चुका है।
बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के आज होने वाले शक्ति परीक्षण से पहले विधायकों में टूट के दावों-प्रतिदावों से राजनीतिक जोड़-तोड़ और सियासी अटकलबाजियों की हवा गर्म है।
सदन में सरकार के लिखाफ अविश्वास प्रस्ताव से पहले खुद विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ ही विश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया गया है। इसके बाद स्पीकर की कुर्सी से अवध बिहारी चौधरी को हट गए हैं। महेश्वर हजारी को स्पीकर की कुर्सी पर बैठा दिया गया है।
इसी बीच भाजपा के भी 2 विधायक विधायनसभा से गायब बताए जा रहे हैं। बिहार विधानसभा अध्यक्ष और राजद नेता अवध बिहारी चौधरी सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के फ्लोर टेस्ट से पहले पटना में बिहार विधानसभा पहुंचे। नीतीश कुमार और जीतनराम मांझी भी विधानसभा पहुंचे, जबकि 7 विधायकों ने चिंता बढ़ा दी है।
विधानसभा पहुंचे बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, "लोकतंत्र का सम्मान होगा, लोकतंत्र की रक्षा होगी और लोकतंत्र को कलंकित करने वाले लज्जित होंगे..." सदन में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया गया है।
बता दें कि जनता दल यूनाइटेड अध्यक्ष नीतीश कुमार के एक बार फिर पाला बदलने के कारण बिहार में बनी एनडीए सरकार आज सोमवार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल करेगी। बिहार विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार को द्विसदनीय विधायिका के सदस्यों को राज्यपाल के संबोधन के साथ शुरू हो गई है।

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