चिप के जरिये कंट्रोल होने वाले इंसान या सायबॉग्स की बात आपने अबतक विज्ञान की गल्प कथाओं में सुनी या हॉलीवुड फिल्मों में देखी होगी। पर, यह कल्पना अब सच में साकार हो चुकी है और इस काम को किया है अपने सनक भरे स्वभाव के लिए मशहूर अमेरिकी उद्योगपति Elon Musk की कंपनी Neuralink ने।
मस्क की कंपनी Neuralink ने एक इंसान के अंदर सफलतापूर्वक पहला ब्रेन चिप इम्प्लान्ट कर दिया है। कम्पनी अपनी इस चिप का नाम 'Telepathy' रखा है। यह तकनीक उन लोगों के लिए वरदान बताई जा रही है, जिन्होंने क्वाड्रिप्लेजिया की समस्या के कारण अपने अंग खो दिए हैं।
एलन मस्क की न्यूरोटेक्नोलॉजी कम्पनी Neuralink द्वारा एक इंसान के अंदर सफलतापूर्वक पहला ब्रेन चिप इम्प्लान्ट किए जाने को इंसानी दिमाग में कंप्यूटर चिप लगाने को Tesla EVs और SpaceX के बाद मस्क की एक और बड़ी सफलता माना जा रहा है।
मस्क ने इस खबर की घोषणा X (ट्विटर) पर की थी कि Neuralink ने सफलतापूर्वक ‘Link’ नाम का एक ब्रेन चिप पहले इंसान के अंदर इम्प्लान्ट कर दिया है। उन्होंने यह बताया कि कम्पनी के इस पहले प्रोडक्ट का नाम ‘Telepathy’ होगा।
एलन मस्क ने X पर पोस्ट कर जानकारी दी कि यह शुरुआत में उन लोगों के लिए है जिन्होंने क्वाड्रिप्लेजिया के कारण अपने अंग खो दिए। बता दें कि क्वाड्रिप्लेजिया एक लकवे जैसी स्थिति है। यह चिप एक सिक्के के साइज़ का है, जिसे मरीज के दिमाग में इम्प्लान्ट किया जाएगा।
दिमाग में चिप इम्प्लान्ट करवाने वाले मरीज की उम्र कम से कम 22 साल होनी चाहिए और उसके पास एक देखभाल करने वाला कोई व्यक्ति होना चाहिए। इस चिप की मदद से यह व्यक्ति अपने स्मार्टफोन्स या कम्प्यूटर्स को केवल अपने दिमाग से इस्तेमाल कर सकेगा।

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