विश्‍व प्रसिद्ध मंदिर के पुजारी का ये महाघोटाला जानकर रह जाएंगे हैरान, कर दी 16.66 करोड़ की हेराफेरी


मंदिरों से पैसे या गहने चोरी किए जाने के की खबरें तो आपने कई बार पढ़ी होंगी, पर आज हम आपको एक पुजारी द्वारा किए गए ऐसे महाघोटाले के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे सुनकर आप उसकी हेराफेरी से हैरान हो जाएंगे। मामला सिंगापुर के सबसे पुराने हिंदू मंदिर से जुड़ा हुआ है, जहां के मुख्य पुजारी ने बीते पांच वर्षों में मंदिर में चढ़ाए गए आभूषणों को बार-बार गिरवी रखकर बाजार से 20 लाख डॉलर से अधिक की राशि उठा ली। भारतीय मुद्रा में यह रकम 16.66 करोड़ रुपये की बैठती है।

मंदिर के पुजारी 39 वर्षीय कंडासामी सेनापति के इस गोरखधंधे की पोल तब खुली, जब  2020 में COVID-19 महामारी के समय नियमित ऑडिट का समय समाप्त होने पर नए सिरे से पूरा हिसाब-किताब किए जाने पर  आभूषणों के लापता का का खुलासा हुआ। इसके बाद कंदासामी को उनके अपराधों के लिए 30 मई को छह साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।

उन्होंने बेईमानी से आपराधिक विश्वासघात के दो आरोपों और आपराधिक आय को देश से बाहर स्थानांतरित करने के दो आरोपों में दोषी ठहराया। भारतीय नागरिक अदालत ने पाया कि कंडासामी को दिसंबर 2013 से हिंदू एंडोमेंट्स बोर्ड द्वारा श्री मरिअम्मन मंदिर में पुजारी के रूप में नियुक्त किया गया था, पर उन्‍होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मंदिर के आभूषण गिरवी दख दिए। 

उन्होंने पहली बार मंदिर के मुख्य पुजारी के दूसरे प्रभारी के रूप में कार्य किया, जब जुलाई 2018 में मुख्य पुजारी की भूमिका में पदोन्नत होने से पहले जब उनके पूर्ववर्ती सेवानिवृत्त हुए। कंदासामी को 2014 में मंदिर के पवित्र गर्भगृह में तिजोरी की चाबियाँ और संयोजन संख्या कोड सौंपा गया था। कंडासामी एकमात्र व्यक्ति थे जिनके पास चाबियाँ थीं और आभूषण वाली तिजोरी तक पहुंच थी। तिजोरी में मंदिर के स्वामित्व वाले सोने के आभूषणों के 255 टुकड़े थे, जिनका मूल्य लगभग $1.1 मिलियन डॉलर था।

मंदिर के आभूषणों का उपयोग विशेष प्रार्थनाओं या मंदिर कार्यक्रमों के दौरान हिंदू देवताओं को सजाने के लिए किया जाता था, और कंडासामी को ऐसे अवसरों पर आभूषणों को वापस लाने और वापस करने का काम सौंपा गया था। उन्होंने 2016 में आभूषणों को गिरवी रखना शुरू किया, उन्हें गिरवी की दुकानों में ले गए और बाद में मंदिर के अन्‍य आभूषणों को गिरवी रखने से प्राप्त धन का उपयोग करके उन्हें छुड़ाया। 

इस तरह अकेले 2016 में कंडासामी ने 172 बार मंदिर से अ66 सोने के आभूषण चुरा कर गिरवी रखे। हालांकि उन्‍होंने रकम अदा कर इन सारे आभूषणों को छुड़ा लिया और बिना किसी को बताए मंदिर में वापस लौटा दिए।

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