दिवाली के अवसर पर एक्सचेंजों में आयोजित होने वाले शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग का एक विशेष महत्व होता है. बाजार के खिलाड़ियों को हर बार इसका बड़ी बेसब्री से इंतज़ार रहता है, क्योंकि कई निवेशकों का मानना है कि मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान स्टॉक खरीदने से उन्हें पूरे साल अच्छी किस्मत और धन मिलेगा।
कारोबारियों की इस आस्था और परंपरा के मद्देनज़र देश के प्रमुख शेयर बाजार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने इस साल दिवाली के दिन होने वाले मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के तारीख व समय की की घोषणा कर दी है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की घोषणा के मुताबिक इस बार नए संवत का मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र 12 नवंबर को शाम 6 बजे से 7:15 बजे तक चलेगा.
क्या होती है मुहूर्त ट्रेडिंग
इस सत्र के दौरान, एक्सचेंज केवल एक घंटे के लिए खुले रहते हैं जहां व्यापारी और निवेशक नए साल की शुरुआत को चिह्नित करने के लिए टोकन ट्रेड कर सकते हैं। मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र आम तौर पर दिवाली पर लक्ष्मी पूजन की शुभ अवधि के दौरान शाम को आयोजित किया जाता है. इस दिन बाजार नियमित कारोबार के लिए बंद रहते हैं, पर प्रतीकात्मक रूप से की जाने वाली मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए बाजार केवल एक-डेढ़ घंटे की अवधि के लिए ही खुले रहते हैं. मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के दौरान किए जाने वाले सभी सौदे उसी दिन निपटाए जाते हैं. इस दिन के सभी ट्रेडों को निपटाने के लिए आमतौर पर 15 मिनट का प्री-ओपनिंग सत्र और एक समापन सत्र होता है.
जानिए मुहूर्त ट्रेडिंग का महत्व
मुहूर्त ट्रेडिंग को शेयर बाजार में निवेश सहित कुछ भी नया शुरू करने के लिए एक शुभ अवसर माना जाता है. शेयर कारोबार से जुड़े व्यापारी दिवाली के दिन नए खाते शुरू करते हैं. मुहूर्त ट्रेडिंग इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि यह निवेशकों के लिए अपनी निवेश यात्रा को शुभ तरीके से शुरू करने का एक अवसर होता है. अनुभवी निवेशकों के लिए अपने पोर्टफोलियो में नए स्टॉक जोड़ने या मौजूदा स्टॉक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का भी यह एक अच्छा समय माना जाता है. पिछले दो मुहूर्त ट्रेडिंग सत्रों के दौरान शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुए हैं. 2022 में मुहूर्त ट्रेडिंग पर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 0.88% की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जबकि 2021 में दोनों सूचकांक 0.49% बढ़े थे. हालांकि मुहूर्त ट्रेडिंग महज एक घंटे का ट्रेडिंग सत्र होता है, पर इसमें भी बाजार की चाल अस्थिर हो सकती है.
x

0 टिप्पणियाँ
आपकी टिप्पणियों, प्रतिक्रियाओं व सुझावों का स्वागत है, पर भाषा की गरिमा और शब्दों की मर्यादा अवश्य बनाए रखें.