भ्रष्‍टाचार के मामले में इस मंत्री को किया गिरफ्तार : घोटाले की हो रही जांच


प्रवर्तन निदेशालय यानी ED के जरिये विपक्षी दलों को घेरने व दबाव बनाने की कवायद में जुटी मोदी सरकार ने  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी को एक बार फिर तगड़ा झटका दिया है। राशन वितरण में कथित भ्रष्टाचार के एक मामले में ईडी ने पश्चिम बंगाल के वन मंत्री और पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक को 20 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। 

ईडी के अधिकारियों ने जांच के सिलसिले में मलिक के परिसरों पर गुरुवार को तड़के छापेमारी शुरू की थी। इसके बाद मंत्री को गिरफ्तार करने की यह कार्यवाही उन्हें शुक्रवार सुबह करीब 3.23 बजे की गई। गिरफ्तारी से पहले मलिक ने कहा था, ''मैं एक गंभीर साजिश का शिकार हूं। मैं यही कह सकता हूं।'' 

ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में स्थित राज्य के वन मंत्री मलिक के दो फ्लैटों पर केंद्रीय बलों की एक टीम के साथ छापा मारा। अधिकारी ने बताया कि मलिक के पूर्व निजी सहायक के मकानों सहित आठ अन्य फ्लैट पर भी छापेमारी जारी है। अधिकारी ने बताया कि एजेंसी पहले ही एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसके सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और मलिक के साथ कथित तौर पर करीबी संबंध हैं। गिरफ्तार व्यक्ति के साथ संबंध को लेकर मलिक से पूछताछ की जा रही है और मंत्री के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। 

दूसरी ओर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने छापेमारी की कार्रवाई को ''बदले की राजनीति '' बताया है। तृणमूल नेता और राज्य की मंत्री शशि पांजा ने मलिक के आवासों पर छापेमारी की आलोचना करते हुए कहा, ''यह विजय दशमी के अवसर पर बंगाल की संस्कृति पर हमला है। यह बदले की राजनीति के अलावा और कुछ नहीं है। हमने देखा है कि दुर्गा पूजा से पहले हमारे नेताओं के यहां उस समय छापे मारे गए थे, जब हम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत)निधि जारी किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।'' 


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