सेना में भर्ती की ‘अग्निपथ’ योजना पर देशभर में मचे बवाल के बीच केंद्र सरकार इसे लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक कर रही है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अकबर रोड स्थित आवास पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी.आर चौधरी, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार सहित तीनों सेनाओं के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ‘अग्निपथ योजना’ की समीक्षा की गई.
जानकारी के मुताबिक समीक्षा बैठक करीब आधे घंटे तक चली. हालांकि इस बैठक में हुए निर्णय की कोई जानकारी रक्षा मंत्रालय की ओर से नहीं दी गई है.
थलसेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे इस बैठक में शामिल नहीं हुए, क्योंकि वह हैदराबाद के डूंडीगल में पासिंग आउट परेड में हिस्सा लेने गए हुए थे.
बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर ‘अग्निपथ योजना’ की समीक्षा बैठक में मौजूद रहे.
अग्निपथ योजना को लेकर विरोध की लपटें धीरे-धीरे पूरे देश में फैलता देख, रक्षामंत्री ने शनिवार को समीक्षा बैठक करने का आश्वासन दिया था.
बता दें कि सेना में शुरुआती लेवल पर सैनिकों की भर्ती के लिए केंद्र सरकार द्वारा 14 जून को घोषित ‘अग्निपथ’ योजना को लेकर देश के कई राज्यों में तीन दिनों से हिंसक प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है, जोकि अब देशभर में फैलता जा रहा है.
इस दौरान बिहार में सबसे ज्यादा आगजनी और तोड़फोड़ हुई. उग्र प्रदर्शनकारियों ने कई ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया.
इसके अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, तेलंगाना समेत करीब 11 राज्यों में भी युवा ‘अग्निपथ योजना’ के खिलाफ सड़कों पर उतर आए और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया.
रेलवे स्टेशनों पर तोड़फोड़ की, रेलवे ट्रैक का चक्का जाम किए जाने से कई दर्जन ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है और बड़ी संख्या में ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है.
योजना से आक्रोशित युवाओं ने बिहार में भाजपा कार्यालयों में आग लगा दी और पार्टी के कई नेताओं और पदाधिकारियों के घरों पर पत्थरबाजी भी की गई.

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