चार राज्‍यों में बंपर जीत ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए आसान की भाजपा की राह


पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में चार सूबों में भाजपा की बंपर जीत ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी का हौसला चार गुना बढ़ा दिया है।

बीजेपी के इस क्‍लीन स्‍वीप का फायदा उसे इस साल के अंत में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव (Presidential Election in India)  में भी मिलेगा.

चार राज्‍यों में मिली इस दमदार जीत ने भाजपा को राष्‍ट्रपति चुनाव के लिए भी एक मजबूत स्थिति में ला दिया है. यूपी में भाजपा की बड़ी जीत ने राष्ट्रपति के लिए भाजपा की राह काफी आसान कर दी है.

इससे राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के उत्तराधिकारी के बारे में फैसला करने में आसानी होगी,‍ जिनका कार्यकाल  24 जुलाई, 2022 को समाप्‍त हो रहा है.

यूपी के चुनावी नतीजे अगर समाजवादी पार्टी के पक्ष में गए होते, तो भाजपा को राष्‍ट्रपति चुनाव में अपने उम्‍मीदवार को जिताने के लिए बीजू जनता दल (BJD), तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) जैसे दलों के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ता.

बता दें कि संख्या के संदर्भ में, राष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल राज्यसभा के 233 सदस्यों, लोकसभा के 543 सदस्यों और विधानसभाओं के 4,120 सदस्यों- कुल 4,896 निर्वाचकों से बनता है.

प्रत्येक सांसद के वोट का मूल्य 708 निर्धारित किया गया है, जबकि राज्यों में एक विधायक के वोट का मूल्य सबसे अधिक 208 है. उत्तर प्रदेश विधानसभा के वोटों का कुल मूल्य 83,824, पंजाब (13,572), उत्तराखंड (4480), गोवा (800) और मणिपुर (1080) है.

इस तरह उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में तगड़े बहुमत के साथ मिली जीत ने भाजपा के लिए राष्ट्रपति चुनाव को आसान बना दिया है.

राष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में लोकसभा, राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य, राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी शामिल हैं.

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