मोदी सरकार ने आखिरकार भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी (LIC) में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को हरी झंडी दे दी.
कैबिनेट की बैठक में एलआईसी में 20 प्रतिशत तक विदेशी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. साथ ही तय हुआ है कि एलआईसी सहित जितने भी Corporation होंगे, उनके लिए भी FDI का प्रावधान यही रहेगा.
बता दें कि बीमा क्षेत्र में यूं तो 74% तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की इजाज़त है, पर यह LIC पर लागू नहीं होता है, क्योंकि वह एक अलग कानून LIC अधिनियम द्वारा शासित है.
उम्मीद की जा रही है कि इस फैसले का एलआईसी के IPO पर भी असर पड़ेगा, जिसे मार्च आखिर तक लाने की घोषणा की जा चुकी है.
आईपीओ के लिए LIC ने 13 फरवरी को 63,000 करोड़ रुपये में 5 फीसदी हिस्सेदारी यानी 31.6 करोड़ शेयर बेचने के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर जमा किया है.
IPO में LIC के कर्मचारियों और पॉलिसी होल्डर्स को फ्लोर प्राइस पर छूट मिलेगी. इसके बाद एलआईसी की मार्केट वैल्यू रिलायंस और टीसीएस जैसी टॉप कंपनियों के बराबर होगी.
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