यूक्रेन ने अपने नागरिकों से हथियार उठाने को कहा : रूस के हमले की तुलना 'नाज़ी जर्मनी' से की


यूक्रेन ने रूस के हमले की आलोचना करते हुए रूसी राष्‍ट्रपति पुतिन के इस कदम को हिटलर कालीन नाज़ी जर्मनी जैसा व्‍यवहार बताया है . 


साथ ही यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जलेंस्की (Volodymyr Zekenskyy) ने अपने देश के लोगों से रूस के इस हमले के खिलाफ हथियार उठाने की अपील की है। उन्‍होंने कहा कि उनका देश रूस के सामने झूकेगा नहीं और न ही आत्मसमर्पण करेगा.


यूक्रेन की राजधानी कीव समेत, खार्कीव, ओडेशा इत्यादि शहरों में रूस की ओर से मिसाइलें दागी जा रही हैं. इस बीच जेलेंस्की ने मीडिया से बातचीत में कहा कि रूस को अगर लगता है यूक्रेन उसके सामने झुक जाएगा तो वह गलतफहमी में हैं. 


यूक्रेन के राष्ट्रपति ने अपने नागरिकों से अपील की है कि जो रूसी आक्रमण से देश की रक्षा करना चाहते हैं वे आगे आएं और हथियार उठाएं. 


वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि जो नागरिक रूस के खिलाफ संघर्ष में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें यूक्रेन सरकार हथियार मुहैया कराएगी.


जेलेंस्की ने कहा कि रूस के उन सभी लोगों से मेरी अपील है, जिन्होंने अभी तक अपना विवेक नहीं खोया है, यह समय बाहर जाने और यूक्रेन के साथ युद्ध का विरोध करने का है. 


जेलेंस्की ने अपने ट्वीट में लिखा कि रूस ने सुबह हमारे देश पर विश्वासघाती हमला किया, जैसा कि नाजी जर्मनी ने द्वितीय विश्व युद्ध में किया था. 



पुतिन बोले, यूक्रेन को करा रहे नाजियों से आज़ाद 

दूसरी ओर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने विशेष संबोधन में कहा, ”पीपल्स रिपब्लिक ऑफ डोनबास ने मदद की गुहार लगाते हुए रूस से संपर्क किया था, जिसके बाद उन्‍होंने विशेष सैन्य अभियान चलाने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि रूसी सैन्य अभियान का मकसद उन लोगों की रक्षा करना है, जो प्रताड़ित हैं और बीते आठ वर्षों से कीव के शासन में जनसंहार का सामना कर रहे हैं. हम यूक्रेन को नाजियों से मुक्त कराने की कोशिश कर रहे हैं.”


 

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