उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए आज दूसरे चरण का मतदान संपन्न हो गया। दूसरे चरण में 55 सीटों पर करीब 61 प्रतिशत वोटिंग हुई है। इससे पहले प्रथम चरण में भी वोटिंग का आंकड़ा अच्छा रहा था।
दोनों शुरुआती चरणों में अच्छे वोटिंग प्रतिशत पर राजनीतिक दल जहां संतोष जता रहे हैं, वहीं एक बात को लेकर राज्य में सतासीन भारतीय जनता पार्टी के खेमे में चिंता बताई जा रही है।
भाजपा को परेशान करने वाली बात यह है कि राज्य में अच्छी खासी तादाद में उसके वोट 'कोको' ले उड़ी है। कौन है ये 'कोको' जिसने बीजेपी को इतनी भारी टेंशन दे रखी है, इन दिनों ये चर्चा राज्य के राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर जमकर हो रही है।
दरअसल, कोको एक किस्म की काल्पनिक चिड़िया है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह बीजेपी के लाखों वोट ले उड़ी है इस चुनाव में।
कोको के वोट ले उड़ने का ये जुमला आया है किसान नेता राकेश टिकैत के एक साक्षात्कार से, जिसमें उन्होंने राज्य में भाजपा को सीटों का भारी नुकसान होने का संकेत देते हुए कहा कि 'बीजेपी के वोट इस बार कोको ले गई'।
कोको चिड़िया का नाम पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गांवों में अकसर बुजुर्ग बच्चों को बहलाने के लिए लेते है, जब बच्चे किसी चीज के लिए जिद करते हैं, तो बड़े-बूढ़े उस चीज को चालाकी से कहीं छुपाकर फिर हाथ हवा में फिरा कर उस चीज के गायब हो जाने का नाटक करते हुए बच्चों से झूठमूठ में कहते हैं कि उसे तो कोको ले गई।
इसका आशय यह होता है कि चीज कब और कैसे गायब हो गई ये पता ही नहीं चला, बस इतना पता है कि वह गायब हो चुकी है। कुछ इसी प्रकार की बात राकेश टिकैत ने संकेतों और प्रतीकों के माध्यम से करते हुए कहा कि 'बीजेपी के वोट कोको ले गई'। बस तब ही ये यह जुमला यूपी की फिजाओं और सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। लोग इस बहाने तरह-तरह की चुहलबाजी कर रहे हैं।
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