क्रिप्‍टोकरेंसी में पैसे लगाने से पहले जान लें उससे जुड़े ‘पिग बूचरिंग’ घोटाले के बारे में


बजट 2022 में क्रिप्‍टोकरेंसी की बिक्री पर 30 फीसदी कर लगाने की घोषणा से इसके मौजूदा निवेशकों को भले ही झटका लगा है, पर बजट में जिक्र होने के कारण क्रिप्‍टोकरेंसी देश में चर्चा का विषय बेशक बन गई है.

बजट के बाद से ही गूगल सहित तमाम इंटरनेट पर क्रिप्‍टोकरेंसी को लेकर भारतीयों की सर्च और जिज्ञासा काफी बढ़ गई है। 


इतनी ऊंची कर दर के चलते बहुत से लोग यह सोच रहे हैं कि सरकार ने अगर 30 फीसदी टैक्‍स लगाया है, तो इसका मतलब यह हुआ कि क्रिप्‍टोकरेंसी में रिटर्न इससे कहीं ज्‍यादा मिलता होगा, तभी तो इसमें पैसा लगाने वाले इतना कर दे सकेंगे। 


इन जिज्ञासाओं के बीच अब यह बात भी सामने आई है कि क्रिप्‍टोकरेंसी की बदौलत कई लोगों के रातों-रात करोड़पति बनने की कहानियों के बीच एक कड़वी हकीकत यह भी है कि इस वर्चुअल मुद्रा में निवेश करने वालों को भारी नुकसान भी उठाना पड़ा है।



अकेले सिंगापुर में ही क्रिप्‍टोकरेंसी के निवेशकों को पिछले तीन साल में किसी अन्य धोखाधड़ी की तुलना में कहीं ज्‍यादा नुकसान हुआ है। निवेशकों को पिछले साल इस तरह की योजनाओं से 19.09 करोड़ सिंगापुर डॉलर का नुकसान हुआ है. 


यह आंकड़ा 2019 के 3.69 करोड़ डॉलर के मुकाबले पांच गुना अधिक है.एक रिपोर्ट के अनुसार इस सिलसिले में ‘पिग-बूचरिंग’ क्रिप्टोकरेंसी घोटाले का नाम सबसे पहले उभर कर आता है, जिसकी जड़ें चीन में बताई जाती हैं। 


कैसे दिया गया ‘पिग बूचरिंग’ घोटाले को अंजाम
How was the 'Pig Butchering' Crypto Scam executed?

रिपोर्ट में कहा गया है कि सिंगापुर में हाल में ‘पिग बूचरिंग’ घोटाला सामने आया है. इसमें चीनी शब्द ‘शा झू पान’ का इस्तेमाल किया गया है जिसका मतलब काटे जाने से पहले किसी सुअर को खिला-पिलाकर मोटा करने से है. इस शब्‍द से ही घोटाले के चरित्र का पता चल जाता है कि पहले तो इसमें पैसे लगाने वालों को मुनाफा कमाने का मौका दिया गया फिर निवेशकों की संख्‍या बढ़ने पर एक झटके में सबको तगड़ा चूना लगाया गया। इसमें घोटालेबाजों ने लोगों को नकली जुए की वेबसाइटों पर दांव लगाने के लिए बड़ी ही चालाकी से उकसाया। शुरुआत में छोटे-मोटे फायदे देने के बाद उनकी रकम एक झटके में डुबो दी गई। 


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