अपनी कोख से पैदा बच्चे को ताउम्र के लिए किसी और को सौंपना आसान नहीं होता। मगर ज़रा उस महिला के बारे में सोचिए जिसने ये दर्द एक-दो बार नहीं बल्कि 13 बार झेला है।
13 बार खुशी-खुशी अपनी कोख सजाई फिर खुद ही अपनी गोद उजाड़ दी। मगर एक बार उसकी बेचैनी बहुत बढ़ गई।
उस बच्चे को देखने के लिए हर रोज़ तड़पती, जिसे अपने ही हाथों किसी और को सौंपा था। बात सरोगेसी की हो रही है।
दुनिया की सबसे सफल सरोगेट मां का दर्जा हासिल करने वाली ब्रिटिश महिला कैरोल हॉर्लॉक ने एक बार अपना बेटा भी दूसरे दंपति को सौंप दिया।
सरोगेसी यानी की किराए की कोख। जिसमें किसी और दंपति का बच्चा एक अन्य महिला की कोख में पलता है और पैदा होने के बाद दंपति को सौंप दिया जाता है।
कैरोल सरोगेसी से खुश थी लेकिन उन्हें तब दर्द महसूस हुआ जब अपना ही नवजात बेटा किसी और दंपति को सौंपना पड़ा।सरोगेट मां के तौर पर कैरोल का नाम गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है।
- यह भी पढ़ें
0 टिप्पणियाँ
आपकी टिप्पणियों, प्रतिक्रियाओं व सुझावों का स्वागत है, पर भाषा की गरिमा और शब्दों की मर्यादा अवश्य बनाए रखें.