रामगढ़ के गोला थाना क्षेत्र स्थित कुसुमडीह जंगल में हाथियों के झुंड ने संजय महतो के इकलौता पुत्र रोशन कुमार (9 वर्ष) को उसकी मां एतवारिया देवी के सामने ही बड़ी बेरहमी से पटक-पटक कर मार डाला।
घटना बुधवार सुबह करीब आठ बजे की है। दोनों मां-बेटा शौच के लिए जंगल में गए थे। हाथियों ने सबसे पहले बच्चे की मां को सूंड़ से लपकने का प्रयास किया। हाथी का सूंड़ उसकी शॉल में फंस गया, जिससे वह गिर गई।
उसके बाद हाथी ने उसके बेटे को अपना शिकार बना लिया। हाथियों का झुंड बच्चे को पटकते हुए दूर तक ले गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
इधर घटना के बाद ग्रामीणों की भीड़ लग गई। इसकी जानकारी वन विभाग और गोला थाने को दी गई।
घटनास्थल पर पहुंचे वन कर्मियों को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने कहा कि वन कर्मी हाथियों को भगाने में फेल हैं।
सिर्फ दिखावा के लिए काम करते हैं। हाथियों का झुंड पिछले कई माह से आसपास के जंगलों में डेरा जमाए हुए है।
लेकिन उन्हें भगाने में वनकर्मी दिलचस्पी नहीं दिखाते। घटना की जानकारी के बाद विधायक ममता देवी घटना स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने दूरभाष पर रेंजर से बात कीं।
उन्होंने रेंजर को हिदायत देते हुए कहा कि हाथियों को भगाने में विभाग कोई ठोस पहल करे। ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा के उपक्रम एवं फसलों की क्षतिपूर्ति का मुआवजा भी जल्द देने की बात कही।
पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हाथियों का शिकार बना रोशन कुमार के पिता संजय महतो को वन विभाग की ओर से विधायक ममता देवी ने तत्काल 25 हजार रुपए मुआवजा दिलवाया।
वहीं विधायक ने वन कर्मियों को शेष राशि का भुगतान जल्द करने का निर्देश दिया। विधायक ने कहा कि हाथियों से लोगों को सुरक्षा देना वन कर्मियों का दायित्व है।
लेकिन वन कर्मी लापरवाह हो जाएंगे, तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मृतक के परिजनों को चार लाख रुपए मिलने का प्रावधान है।
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