दिल्ली के दक्षिण जिले के स्पेशल स्टाफ ने एक मेवाती गिरोह के ऐसे दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है जो एटीएम मशीन से पैसे भी निकाल लेते थे और फिर पैसे नहीं निकलने का क्लेम कर बैंक से भी पैसे लेते थे।
इस तरह आरोपी दिल्ली-NCR समेत पूरे देश में 100 से ज्यादा वारदात कर चुके हैं। एटीएम से पैसे निकालने का ये तरीका पहली बार सामने आया है।
आरोपी वारदात के लिए हथियार अपने साथ लेकर चलते थे। इनके कब्जे से दो स्वचालित पिस्टल .315 बोर के दो कारतूस, .32 बोर के दो कारतूस, 19 डेबिट कार्ड और वारदातों में इस्तेमाल होने वाली हुंडई वर्ना कार बरामद की है। आरोपी की पहचान अख्तर हुसैन (47) और इरशाद (35) के रूप में हुई।
आरोपी पैसे देकर किसी के बैंक खाते की किट को खरीद लेते थे। ये उस बैंक खाते में बहुत कम पैसे रखते थे। ये ऐसे एटीएम से पैसे निकालते थे जिसमें पैसे जमा कराने की सुविधा हो।
ये एटीएम कार्ड को मशीन में डाल दे और पैसे निकालने की पूरा प्रक्रिया करते। जब पैसे एटीएम से निकलने शुरू होते थे तो ये नोटों को पूरी तरह निकलने से पहले ही पकड़ लेते थे।
करीब एक से दो मिनट पकड़कर रखते थे। इस दौरान नोटों का आधा हिस्सा मशीन में होता था और आधा बाहर होता था। एक से दो मिनट तक पकड़कर रखने पर मशीन आउट ऑफ ऑर्डर हो जाती थी। फिर ये नोटों को बाहर खींच लेते थे।
इस तरह मशीन पैसे निकलने का रिकार्ड नहीं दिखा पाती थी, जबकि खाता धारक के बैंक से पैसे निकल जाते थे। इसके बाद ये बैंक के कस्टमर केयर को फोन कर शिकायत दर्ज कराते थे कि एटीएम से पैसा निकला नहीं है जबकि उनके खाते से पैसा कट गए है।
इस तरह ये बैंक से भी क्लेम ले लेते थे। आरोपी पीएनबी बैंक के एटीएम को ही निशाना बनाते थे। आरोपियों का कहना है कि पीएनबी बैंक क्लेम के पैसे को जल्दी दे देती है।

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