यह अजीबोगरीब मामला अमेरिका का है, पर वैसा नहीं, जैसा ऊपरी तौर पर लगता है। दरअसल मामला अवैध संबंध का नहीं, बल्कि गड़बड़ी आईवीएफ के जरिये पैदा हुए बच्चे के मामले से जुड़ी है।
आज के समय में पति-पत्नी जब पैरेंट्स नहीं बन पाते है तो आईवीएफ़ या सरोगेसी जैसी कई पद्धतियाँ शामिल है। इन पद्धतियों के कारण वह माता-पिता का सुख प्राप्त कर पाते है। पर इन पद्धतियों में कई बार धोखे भी होते है।
एक ऐसा ही मामला सामने आया अमेरिका के उटाह से, जहां आईवीएफ़ के जरिये माता-पिता बने कपल धोखाधड़ी का शिकार बने थे।
उटाह में रहने वाले डोना और वन्नेर जॉन्सन दोनों ने आईवीएफ़ के जरिये दूसरी बार गर्भधारण किया था। आईवीएफ़ के जरिये उन्होंने एक और बेटे को जन्म भी दिया। दोनों पति-पत्नी खुशहाल ज़िंदगी बिता रहे थे।
एक दिन दोनों ने मज़ाक-मज़ाक में ही अपने बेटे का डीएनए टेस्ट करने का फैसला कर लिया। पर डीएनए टेस्ट ने उनकी ज़िंदगी में भूचाल ला कर रख दिया।
दरअसल आईवीएफ़ रिजल्ट सामने आया तो उन्हें पता चला की वो बेटा उनका नहीं, किसी और का था। क्लीनिक की लापरवाही के कारण डोना के एग्स किसी अन्य पुरुष के स्पर्म के साथ मिक्स हो गए थे।
रिजल्ट सामने आते ही वन्नेर ने हँगामा करना शुरू कर दिया। जब जांच कि गई तो पता चला कि एग फ्यूजन में गलती हो गई थी और इसी कारण से डोना के एग किसी और के स्पर्म से फ्यूज हो गए।
वन्नेर कहते है कि इस सच से दोनों का दिल टूट गया था, जिस बेटे को वह 12 साल से अपना मान रहे थे वह किसी और का निकला है। जिसे लेकर दोनों अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाने जा रहे है।

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