
जुलाई में किसान भाई बैंगन की खेती शुरू कर महज दो महीने में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. बैंगन की फसल महज दो माह में तैयार हो जाती है और इसकी लागत भी काफी कम होती है.
बैंगन की अधिक पैदावार के लिए आपको दो पौधों के बीच दूरी का खास ध्यान रखना होगा. दो पौधों और दो कतार के बीच 60 सेंटी मीटर की दूरी होनी ही चाहिए.
खाद और उर्वरक का इस्तेमाल मिट्टी की जांच के हिसाब से ही करना चाहिए. अगर आपने मिट्टी की जांच नहीं कराई है तो खेत तैयार करते वक्त 25 से 30 टन गोबर की सड़ी खाद मिट्टी में अच्छी तरह मिला देनी चाहिए.
इससे अच्छी पैदावार मिलती है और बैगन का रंग और आकार भी सही रहते हैं. यह बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि बैंगन का रंग और आकार ठीक न हो तो किसानों को बाजार में सही भाव नहीं मिल पाता है.
बैंगन के खेत में आप सीमित मात्रा में रासायनिक खाद का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. 200 किलो ग्राम यूरिया, 370 किलो ग्राम सुपर फॉस्फेट और 100 किलो ग्राम पोटैशियम सल्फेट का प्रयोग कर सकते हैं.
बैंगन को रोगों से बचाने के लिए रोपाई के दो सप्ताह बाद मोनोक्रोटोफास 0.04 मिली लीटर प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें.
बैंगन के खेत में खर-पतवार नियंत्रण भी जरूरी है. समय से निराई करने से बढ़वार अच्छी होती है और पैदावार पर भी इसका प्रभाव पड़ता है.
वैसे तो जुलाई के महीने में अच्छी बारिश होती है, अगर बारिश न हो तो जरूरत के हिसाब से सिंचाई करा सकते हैं. जुलाई के महीने में बैंगन की पौध लगाने के बाद सितंबर के शुरुआत में फल प्राप्त होने लगता है.
बैंगन जब मुलायम हों और उनमें ज्यादा बीज न बनें हों तब ही उन्हें तोड़ लेना चाहिए. ज्यादा बड़ा हो जाने पर इनमें बीज पड़ जाते हैं और तब ये उतने स्वादिष्ट नहीं रह जाते.
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