जानें तीरथ सिंह के इस्तीफे के बाद क्यों घबरा रही है बंगाल सीएम ममता

● सीएम पद की शपथ लेते वक्त तीरथ सिंह रावत विधानसभा के सदस्य नहीं थे। 6 महीने के भीतर उनका विधायक बनना जरूरी था। कोरोना के चलते राज्य में उपचुनाव नहीं हो पाएंगे। इसी ‘संवैधानिक संकट' को तीरथ ने अपने इस्तीफे की वजह बताया है। ● तीरथ सिंह की तरह ममता बनर्जी भी राज्य की विधानसभा सदस्य नहीं हैं। पश्चिम बंगाल में अगर अगले कुछ महीनों में उपचुनाव नहीं हुए तो ममता बनर्जी के सामने भी संवैधानिक संकट खड़ा हो सकता है। ● भारतीय संविधान का अनुच्छेद 164 (4) कहता है कि मुख्यमंत्री या मंत्री अगर 6 महीने तक राज्य के विधानमंडल का सदस्य नहीं है, तो उस मंत्री का पद इस अवधि के साथ ही समाप्त हो जाएगा। ● ममता बनर्जी ने 4 मई 2021 को तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। ऐसे में उन्हें 6 महीने के अंदर यानी 4 नवंबर 2021 तक विधानसभा का सदस्य बनना जरूरी है। ● पश्चिम बंगाल में भवानीपुर विधानसभा सीट रिक्त हो गई है, लेकिन ममता विधानसभा की सदस्य तभी बन पाएंगी जब तय अवधि के अंदर चुनाव हो सकें। ● आयोग को अधिसूचना के बाद चुनाव कराने के लिए केवल 28 दिन के समय की जरूरत होती है। इस लिहाज से यदि बंगाल में उपचुनाव कराया जाना है तो आयोग को अक्टूबर की शुरुआत में ही इसकी अधिसूचना जारी करनी होगी।

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