मोदी के नए मंत्रिमंडल में सिंधिया और वैष्णव सबसे ज्‍यादा शिक्षित

● सिंधिया के पास हार्वर्ड की डिग्री, तो पूर्व आईएएस वैष्णव ने की है आईआईटी और व्हार्टन स्कूल में पढ़ाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुधवार को किए गए मंत्रिमंडल के बहुप्रतीक्षित फेरबदल में 36 नए मंत्रियों को शामिल किया गया है, जबकि 7 राज्य मंत्रियों को तरक्की मिली है. केंद्रीय कैबिनेट के इन 36 चेहरों में से कई मंत्री शिक्षा और पेशेवर उपलब्धियों के मामले में औरों से काफी आगे हैं. इनमें आठ वकील, चार डॉक्टर, दो पूर्व आईएएस अधिकारी, चार एमबीए डिग्री धारक और कई इंजीनियर हैं. कांग्रेस से भाजपा में आकर कैबिनेट मंत्री दर्जा पाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया और नए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इस मामले में सबसे आगे दिखाई देते हैं. सिंधिया और उनकी राजनीतिक विरासत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कोविड -19 के पहले लॉकडाउन से ठीक एक पखवाड़े पहले मार्च 2020 में कांग्रेस से भाजपा में छलांग लगाकर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी थी. राहुल गांधी के करीबी दोस्‍त रहे और राजघराने से ताल्लुक रखने वाले सिंधिया भी राहुल की तरह ही अमेरिका के प्रतिष्ठित हार्वर्ड विश्‍वविद्यालय से पढ़े हैं. उन्होंने बीए इसी यूनिवर्सिटी से किया है. इसके अलावा उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री भी हासिल की है. 50 वर्षीय सिंधिया फिलहाल राज्यसभा के सदस्य हैं. उनके दिवंगत पिता माधवराव सिंधिया के पास तीन दशक पहले नागरिक उड्डयन मंत्रालय का पोर्टफोलियो था. सिंधिया सीनियर 1991-93 तक पी वी नरसिम्हा राव सरकार में नागरिक उड्डयन और पर्यटन मंत्री रहे थे. उन्‍हीं की राजनीतिक विरासत संभालने वाले ज्योतिरादित्य 2019 तक मध्य प्रदेश में गुना से कांग्रेस के लोकसभा सांसद रहे. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में उन्हें संचार, वाणिज्य व उद्योग के साथ ही ऊर्जा मंत्रालय का राज्‍य मंत्री बनाया गया था. नौकरशाही से राजनेता बने वैष्णव अश्विनी वैष्णव को रेल मंत्री बनाने के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय की कमान भी सौंपी गई है. 1994 बैच के आईएएस अधिकारी रहे वैष्‍णव ने आईआईटी कानपुर से एमटेक की डिग्री हासिल की है. उन्होंने पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित व्हार्टन स्कूल से एमबीए भी किया है. टेक्नोक्रेट रहे 50 वर्षीय वैष्‍णव ओडिशा से राज्यसभा के सदस्य हैं. सियासत में आने से पहले के दौर की बात करें, तो आईएएस बनने के बाद वैष्णव ने ओडिशा के बालासोर और कटक में कलेक्टर के रूप में कार्य किया. वह 2003 तक ओडिशा में सेवा में रहे. इसके बाद उन्हें तत्कालीन प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यालय में उप सचिव के रूप में काम करने का मौका मिला. इसके अलावा उन्होंने जीई ट्रांसपोर्टेशन के प्रबंध निदेशक और सीमेंस में वाइस प्रेसिडेंट के रूप में कॉर्पोरेट जगत में भी हाई-प्रोफाइल पारी खेली है. Keywords New Cabinet, Modi Cabinet, Modi Cabinet reshuffle, Ashwini Vaishnav, Rajya Sabha, Odisha, Ex IAS, IIT-Kanpur, Jyotiraditya Scindia, Harvard University, Stanford University

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ