दरअसल, यह रेप का एक फर्जी मामला था। युवक और युवती कई सालों से एक दूसरे के संपर्क में थे और दोनो शादी करना चाहते थे। लेकिन युवती के परिजनों की रजामंदी न होने के चलते युवक के खिलाफ थाने में रेप का मुकदमा दर्ज करा दिया था।
जानकारी के मुताबिक, रेप के आरोपी युवक और युवती का पिछले कई सालों से प्रेम संबंध चल रहा था, जबकि युवक के साथ मंदिर में शादी रचाते हुए युवती ने अपने ही परिजनों से अपनी जान को खतरा बताया है।
आरोप है कि रेप पीड़िता ने अपने परिजनों के दबाव में अपने प्रेमी युवक मंगेतर के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कराकर जेल भिजवाया था। युवती के बयान के आधार पर रेप के आरोपी युवक को जेल से रिहा कर दिया गया है। अब युवती ने अलीगढ़ के एसएसपी कलानिधि नैथानी से अपने परिजनों से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है।

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