
कोरोना महामारी से बिगड़े माहौल के बीच किसानों के लिए राहत की बात है कि लगातार दूसरे साल केंद्र सरकार ने सत्र 2021-22 की खरीफ की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की है।
एमएसपी में की गई इस बढ़ोतरी पर खरीद करने के लिए केंद्र सरकार को करीब 25,000 करोड़ रुपये का अतरिक्त खर्च होंगे।
इसके तहत सामान्य स्तर के धान की MSP पिछले साल के 1,868 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1,940 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। यह पिछले साल से 72 रुपये ज्यादा है।
मोटे अनाजों में ज्वार का एमएसपी 118 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया है। अब इसका एमएसपी 2620 रुपये प्रति क्विंटल होगा। बाजरा का एमएसपी 100 रुपये बढ़ 2250 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।
रागी का एमएसपी 82 रुपये बढ़ कर 3,377 रुपये हो गया है। पिछले साल इसकी कमत 3,295 रुपये प्रति क्विंटल थी. मक्के के एमएसपी में मात्र 20 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसकी कीमत 1850 रुपये प्रति क्विंटल है।
अरहर दाल के एमएसपी में 300 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है. अरहर दाल का एमएसपी अब 6300 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है।
उड़द दाल का एमएसपी भी बढ़ कर अब 6300 रुपये प्रति क्विटल हो गया है। मूंग दाल का एमएसपी बढ़ा कर 7275 रुपये प्रति क्विंट किया गया है, पिछले साल यह 7196 रुपये प्रति क्विंटल था।
तिलहन में सबसे ज्यादा 452 रुपये की बढ़ोतरी तिल के एमएसपी में की गई है। अब तिल का एमएसपी 7,307 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।
मूंगफली का एमएसपी 275 रुपये बढ़ा है और 5550 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है। सूरजमूखी का एमएसपी 130 रुपये बढ़ा कर 6015 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
बता दें कि खरीफ की फसलों में धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, मूंग, मूंगफली, गन्ना, सोयाबीन, उडद, तुअर, कुल्थी, जूट, सन, कपास आदि आती हैं। इनकी बुआई जून-जुलाई में की जाती है। सितंबर-अक्टूबर में कटाई होती है।
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