
● दिल्ली में चल रहा है परीक्षण, 2,005 मशीनों के साथ होगी शुरुआत
वन नेशन, वन राशन कार्यक्रम को अबतक लागू न करने वाले दिल्ली, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और असम जैसे राज्य जल्द ही इसे लागू करेंगे. मिंट की एक रिपोर्ट में केंद्रीय खाद्य सचिव सुधांशु पांडे के हवाले से यह बात कही गइ है.
रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय सचिव ने इस बारे में कहा है कि “दिल्ली बहुत जल्द योजना शुरू करेगी। वर्तमान में इसका परीक्षण चल रहा है.” उन्होंने मिंट को बताया कि दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी को कवर करने वाली 2,005 मशीनों के साथ वन नेशन, वन राशन कार्यक्रम की शुरुआत करेगी। इसके बाद बाकी के तीन राज्यों में भी इस पर अमल होने की उम्मीद है.
इसके अलावा रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र व दिल्ली और केंद्र सरकार की टीमें इस प्रणाली का परीक्षण कर रही हैं. दिल्ली सरकार ने पहले डिजिटलीकरण प्रक्रिया को रोक दिया था. उसने इस कार्यक्रम को लागू करने के बजाय, हाल ही में लाभार्थियों के घरों में गेहूं का आटा पहुंचाने की योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखा था. इसपर केंद्र ने कहा था कि दिल्ली सरकार अपनी योजना शुरू करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन वह इसके लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत मिलने वाले खाद्यान्न का उपयोग नहीं कर सकती.
केंद्र ने 18 जून को दिल्ली सरकार को अधिनियम के सभी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने और 30 जून तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा था. इसे लेकर केंद्रीय खाद्य मंत्रालय की ओर से दिल्ली के खाद्य और नागरिक आपूर्ति के सचिव-सह-आयुक्त को एक पत्र भेजा गया था.
क्या है वन नेशन, वन राशन
वन नेशन, वन राशन कार्यक्रम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत लगभग 739 मिलियन लाभार्थियों को सस्ता खाद्यान्न वितरित करने के लिए भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का डिजीटल संस्करण है. फिलहाल देश के 32 राज्यों में इसे चालू किया जा चुका है. दिल्ली समेत केवल चार राज्यों ने अलग-अलग कारणों से अभी इसे लागू नहीं किया है. इनमें पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और असम शामिल हैं.
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