कोरोना काल में रिकॉर्ड तेजी से बढ़ रही है डीमैट खातों की संख्या

कोरोना महामारी चलते आर्थिक गतिविधियां और कारोबार प्रभावित होने के बावजूद देश में शेयर कारोबार के लिए खुलवाए जाने वाले डीमैट खातों की संख्‍या रिकॉर्ड तेजी से बढ़ रही है. देश की सबसे बड़ी डीमैट डिपॉजिटरी सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड यानी सीडीएसएल के एक्टिव डीमैट खातों की संख्‍या 4 करोड़ के पार पहुंच गई है. इसके साथ ही वह इस समय वह देश का सबसे बड़ा डिपॉजिटरी है. इससे पहले फरवरी में देश में डीमैट खाताधारकों की संख्या 5 करोड़ के पार होने की खबर आई थी. उस समय सीडीएसएल के सक्रिय डीमैट खातों की संख्‍या 3 करोड़ थी. इसका मतलब हुआ कि बीते चार माह में उसके सक्रिय डीमैट खातों की संख्‍या में एक करोड़ की बढ़ोतरी हुई है. जनवरी 2020 तक सीडीएसएल के पास 2 करोड़ डीमैट खाते थे. इसके बाद एक साल के भीतर ही उसके डीमैट खातों की संख्या तेजी से बढ़कर 3 करोड़ के स्‍तर पर पहुंच गई. क्‍या है सीडीएसएल सीडीएसएल डिपॉजिटरी निवेशकों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में खाता (डीमैट) खोलकर प्रतिभूतियों को जमा करने की सुविधा देती है. इसके एवज में वह खाता धारकों से लेनदेन शुल्क, खाता रख-रखाव शुल्क और डिपॉजिटरी प्रतिभागियों द्वारा भुगतान किए गए निपटान शुल्क से आय अर्जित करती है. इसके अलावा सीडीएसएल उन कंपनियों द्वारा भुगतान किए गए वार्षिक शुल्क, कॉर्पोरेट कार्रवाई और ई-वोटिंग शुल्क के माध्यम से भी कमाती है. देश की प्रमुख डीमैट डिपॉजिटरी सीडीएसएल ने 1999 में काम करना शुरू किया था.

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