रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर भीड़भाड़ में कोविड की आशंकाओं के बीच आजकल बहुत से लोग निजी स्तर पर इंतजाम कर सड़क मार्ग से यात्रा करने को ही तरजीह दे रहे हैं. अपनी कार या किराए की कैब ये यात्रा करना कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिहाज से एक सुरक्षित विकल्प तो है, पर आपकी जेब पर खासा भारी पड़ सकता है.
दिल्ली से देहरादून तक की ट्रिप का ही उदाहरण लें, तो यह दूरी लगभग 250 किमी है और बाई रोड जाने पर लगभग छह घंटे लगते हैं. अगर आप बस से यात्रा करते हैं, तो हवाई जहाज या ट्रेन के मुकाबले बस छोटी होने के कारण जोखिम थोड़ा कम रहता है. विभिन्न ट्रैवल साइटों के मुताबिक बस का एक टिकट करीब 400 रुपये का पड़ेगा. अगर आप चार लोगों के परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं, तो एक तरफ की यात्रा के लिए आपको 1,600 रुपये खर्च करने होंगे. इसी तरह यदि आप कैब का विकल्प चुनते हैं, तो ऑनलाइन कैब-बुकिंग पोर्टल दिल्ली ट्रैवल सर्विसेज के अनुसार चार लोगों के लिए दिल्ली से देहरादून पिक-ड्रॉप और ड्राइवर (4+1) का खर्च लगभग 2,499 रुपये बैठेगा.
पाबंदियों और किराये में वृद्धि का भी असर
कोविड संबंधी पाबंदियों और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच मई से बस और कैब के किराये में बढ़ोतरी भी हुई है। यह भी यात्रा को महंगा बना रहा है. मिसाल के तौर पर शुक्रवार को देशभर में पेट्रोल की कीमतों में एक बार फिर तेजी दर्ज की गई है. दिल्ली में पेट्रोल 35 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 99.16 रुपये हो गया, जबकि डीजल की कीमत 89.18 रुपये प्रति लीटर है. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में पेट्रोल की कीमतें पहले ही 100 रुपये प्रति लीटर का स्तर पार कर चुकी हैं. ऐसे में ईंधन की लागत में बढ़ोतरी सड़क से यात्रा को लगातार महंगा बना रही है.
टोल में बढ़ोतरी के कारण भी बढ़ रहा खर्च
इसके अलावा कोविड के प्रतिबंध और नए टोल टैक्स भी सड़क यात्रा का खर्च बढ़ा रहे हैं. फास्टैग वाली इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली को पिछले महीने से नोएडा-आगरा यमुना एक्सप्रेसवे पर शुरू कर दिया गया है. इसके अलावा मेरठ होकर दिल्ली से देहरादून जाने वालों को 1 जुलाई से सिवाया टोल प्लाजा पर अधिक भुगतान करना पड़ रहा है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने मेरठ में एनएच-58 स्थित इस टोल प्लाजा पर टोल टैक्स में 40 रुपये तक की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. इससे यात्रा महंगी हो गई है.
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