
अटलांटिक सैल्मन और हेज़लनट्स से लेकर ड्यूरियन और कुछ मीठे बिस्कुट तक सरकार ने देश में आयात होने वाले 97 उत्पादों पर लागू सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) राहत और छूट वापस लेने का प्रस्ताव किया है.
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने लोगों के विचार जानने के लिए संबंधित वस्तुओं की एक सूची जारी की है. इसपर अगले एक महीने में फीडबैक देने को कहा गया है.
शुल्क राहत खत्म किए जाने संबंधी सूची में कुछ सामान्य दवाएं और बुनियादी दवाएं, गर्भनिरोधक, तिलहन, और फूलों और सब्जियों के बीज, कपड़े और कुछ अन्य तरह की चीजें शामिल हैं.
इसके अलावा कपड़ा उद्योग बिजली, तेल और गैस और इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाली कई प्रकार की मशीनरी और सामानों के भी इसके दायरे में आने की उम्मीद है, क्योंकि इन उत्पादों पर अयात शुल्क में राहत दी गई थी.
पिछले कुछ वर्षों में शुल्क बढ़ाने के लिए सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है. हालांकि ताजा सूची में शामिल चीजों के बारे में अधिकारियों का कहना है कि इनपर आयात शुल्क में राहत का कोई औचित्य नहीं है।
सरकार द्वारा आयात शुल्क में दी गई छूट खत्म करने के कदम से घरेलू बाजार में सूची में शामिल इन चीजों की कीमतें बढ़ने के आसार हैं, क्योंकि आयात महंगा होने से इनकी लागत में बढ़ोतरी होगी.
हालांकि सरकार के इस कदम से देश में इन वस्तुओं के उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिलेगा. यह घरेलू उद्योगों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा.
सरकार का यह कदम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप है, जिसमें कहा गया था कि बेहतर संतुलन के लिए कुछ पुरानी सीमा शुल्क छूटों को समाप्त किया जा सकता है.
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