- बैंकों के 89 हजार करोड़ के 22 डूबत कर्ज खाते किए जाएंगे 'बैड बैंक' को हस्तांतरित
नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (एनएआरसीएल) या तथाकथित 'बैड बैंक' को कंपनी रजिस्ट्रार (आरओसी) के पास उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 74.6 करोड़ की चुकता पूंजी के साथ मुंबई में पंजीकृत किया गया है.
इसका नेतृत्व भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के स्ट्रेस्ड ऐसेट विशेषज्ञ पद्मकुमार माधवन नायर करेंगे, जो प्रबंध निदेशक के पद पर रहेंगे. अन्य निदेशकों में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन(आईबीए) के मुख्य कार्यकारी सुनील मेहता, एसबीआई के उप प्रबंध निदेशक सली सुकुमारन नायर और केनरा बैंक के प्रतिनिधि अजीत कृष्णन नायर शामिल हैं.
भारत में डूबत ऋण के खतरे के लिए वन-स्टॉप समाधान के रूप में जाना जाने वाला एनएआरसीएल 7 जुलाई को 100 करोड़ रुपये की अधिकृत पूंजी के साथ स्थापित किया गया है. आरओसी की फाइलिंग के मुताबिक इसे "केंद्र सरकार की कंपनी" के रूप में वर्गीकृत किया गया है.
इस बैड बैंक की स्थापना भारत की वित्तीय प्रणाली को साफ-सुथरा बनाए रखने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा है, जो फंसे कर्ज के मामले में दुनिया में बदनाम है. फंसे हुए कर्जों को एनएआरसीएल में स्थानांतरित करने से बैंकों को अपने घाटे में कटौती करने और उधारी खाते को साफ-सुथरा रखने में मदद मिलेगी.
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