माफियाओं के खिलाफ सरकार की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। मड़ियांव थाने में आरोपित के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज थी। इकबाल दर्जा प्राप्त पूर्व राज्यमंत्री है। पुलिस आयुक्त के मुताबिक दोनों ने सरकारी संपत्ति पर कब्जा कर संगठित अपराध के तहत धन अर्जित किया था।
आरोपी सरकारी जमीनों पर कब्जा करते थे। पुलिस के मुताबिक अजमत ने आपराधिक गतिविधियों से काफी दौलत इकट्ठा कर ली थी। पहले अजमत ने शिवपुरी में एक छोटा सा स्कूल खोला था। उसने 1995 में कैरियर कांवेट एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट बनाया और सरकारी रास्ते व चकरोड पर कब्जा कर लिया।
ट्रस्ट से कमाई गई रकम साल 1998 से 2000 के बीच अवैध रूप से कैरियर डेंटल कॉलेज बनवा दिया। इससे पहले सरकार के आदेश पर कैरियर ग्रुप के कई अवैध निर्माण ढहाए जा चुके हैं। सरकारी संपत्ति पर किए गए अवैध निर्माण के बाद जमीन सरकार अपने कब्जे में ले चुकी है।

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