झूठ पर झूठ और लगातार झूठ बोलने के लिए दुनिया भर में मशहूर नरेंद्र मोदी ने चुनावी बेला में कच्चातिवु द्वीप श्रीलंका को सौंपे जाने का मुद्दा उठाकर एक बार फिर से राजनीतिक पैंतरेबाजी से कांग्रेस को फंसाने की चाल चली है, पर मोदी की यह कोशिश खुद उसी के गले की हड्डी बन गई है।
चुनावी सभा में मोदी ने चिल्ला चिल्ला कर कहा कि इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने 1974 में श्रीलंका के साथ एक समझौते के तहत उसे करीब 169 एकड़ा का कच्चातिवु द्वीप सौंप दिया, जबकि सच यह है कि श्रीलंका को यह जमीन उसकी मैरीटाइम सीमा के भीतर आने के चलते दी गई थी।
मोदी के इस दावे को उनका एक और सफेद झूठ करार देते हुए कांग्रेस और डीएमके ने इसका करारा जवाब किया है। डीएमके के संगठन सचिव आर एस भारती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास दिखाने के लिए कोई उपलब्धि नहीं है। डीएमके ने द्वीप को 1974 में श्रीलंका को दिये जाने का विरोध किया था। वहीं कांग्रेस ने कहा कि पीएम मोदी चीन की घुसपैठ’ पर जवाब दें।
इसके साथ ही सोशल मीडिया पर नरेंद्र मोदी द्वारा जून 2015 में बांग्लादेश को करीब 10 हजार एकड़ जमीन सौंपने का मामला वायरल होने लगा, जिसके मुताबिक बांग्लादेश की यात्रा पर गए नरेंद्र मोदी ने भारत-बांग्लादेश के बीच एक ऐसे जमीन सीमा समझौते पर हस्ताक्षर किए जिससे करीब 17160 एकड़ क्षेत्र में मौजूद 111 भारतीय बस्तियों को बांग्लादेश को सौंपा गया। दूसरी ओर 7110 एकड़ में फैली बांग्लादेशी बस्तियां अब भारत का हिस्सा मानी जाएंगी। इस तरह मोदी द्वारा किए गए इस समझौते से बांग्लादेश को करीब 10 हजार एकड़ जमीन का फायदा हुआ और भारत ने यह जमीन गंवा दी।
हालांकि, इससे दोनों देशों के बीच पिछले 41 साल से चला आ रहा सीमा विवाद हल हो गया। इसी तरह श्रीलंका के साथ किया गया समझौता दोनों देशों के बीच दशकों से चले आ रहे विवाद को खत्म करने के लिए किया गया था।
मोदी द्वारा पैदा किए जा रहे इस विवाद पर कांग्रेस का कहना है पड़ोसी देश के साथ पुराने विवाद को सुलझाने के लिए हुए समझौते का उसने तो विरोध नहीं किया, बल्कि संसद में द्विपक्षीय समझौते का समर्थन किया। पर, नरेंद्र मोदी अपनी आदत के मुताबिक नॉन इश्यू को इश्यू बना कर चुनावी फायदा लेने की घटिया हरकत कर रहे हैं। इससे स्पष्ट हो गया है कि वह अंदर से किस कदर घबराए हुए हैं और अपने 'चार सौ पार' के हवाई दावे पर उन्हें खुद भी रत्ती भर यकीन नहीं है।

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