
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के विनिवेश की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने इसके प्रस्तावित इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) पर सलाह देने के लिए मर्चेंट बैंकरों और कानूनी सलाहकारों से बोलियां आमंत्रित की हैं.
निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) एलआईसी में सरकार की हिस्सेदारी बेचने में सहायता और सलाह के लिए 10 मर्चेंट बैंकरों और एक कानूनी फर्म की नियुक्ति करेगा.मर्चेंट बैंकरों द्वारा बोली लगाने की अंतिम तिथि 5 अगस्त है, जबकि कानूनी फर्म के लिए आखिरी तारीख 6 अगस्त तय की गई है.
मर्चेंट बैंकरों से बोलियां आमंत्रित करते हुए दीपम ने कहा कि आईपीओ का संभावित आकार भारतीय बाजार में अबतक आए ऑफरों से कहीं ज्यादा बड़ा होने की उम्मीद है. इसके लिए वैध प्रमाण पत्र वाले सेबी के पास पंजीकृत मर्चेंट बैंकरों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं. उन्हें बुक रनिंग लीड मैनेजर के रूप में आईपीओ की प्रक्रिया में सरकार की सहायता और सलाह के लिए नियुक्त किया जाएगा.
इसके साथ ही दीपम ने आईपीओ के लिए रजिस्ट्रार और शेयर ट्रांसफर एजेंटों और विज्ञापन एजेंसी से भी बोलियां आमंत्रित की हैं. इससे पहले जनवरी में मिलिमैन एडवाइजर्स एलएलपी इंडिया को एलआईसी के एम्बेडेड मूल्य का आकलन करने के लिए नियुक्त किया गया था.
डेलॉइट और एसबीआई कैप्स को पहले ही प्री-आईपीओ सलाहकार नियुक्त किया जा चुका है. चालू वित्त वर्ष के अंत तक आईपीओ आने की उम्मीद है. पिछले हफ्ते, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एलआईसी के आईपीओ के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. इसका आकार, मूल्य व तारीख तय करने का फैसला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाले एक पैनल द्वारा किया जाएगा.
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